(N/A) $1$. संरक्षी बलों के लिए: यांत्रिक ऊर्जा संरक्षण का नियम बताता है कि यदि किसी निकाय पर केवल संरक्षी बल (जैसे गुरुत्वाकर्षण या स्थिर-वैद्युत बल) कार्य करते हैं,तो कुल यांत्रिक ऊर्जा $(E = K + U)$ स्थिर रहती है। गणितीय रूप से,$\Delta E = \Delta K + \Delta U = 0$,जिसका अर्थ है $E_{initial} = E_{final}$।
$2$. गैर-संरक्षी बलों के लिए: जब किसी निकाय पर गैर-संरक्षी बल (जैसे घर्षण या वायु प्रतिरोध) कार्य करते हैं,तो कुल यांत्रिक ऊर्जा संरक्षित नहीं रहती है। इसके बजाय,गैर-संरक्षी बलों द्वारा किया गया कार्य $(W_{nc})$ कुल यांत्रिक ऊर्जा में परिवर्तन के बराबर होता है: $W_{nc} = \Delta E = (K_f + U_f) - (K_i + U_i)$। यह कार्य आमतौर पर ऊष्मीय ऊर्जा के रूप में नष्ट हो जाता है।